ए.डी.एम.के. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि नीट परीक्षा के मामले पर मुख्यमंत्री कोई फैसला नहीं ले सकते और केवल केंद्र सरकार ही नीट परीक्षा रद्द कर सकती है. ईपीएस ने आरोप लगाया, “डीएमके सरकार ने यह कहकर छात्रों और अभिभावकों को धोखा दिया है कि एनईईटी परीक्षा रद्द कर दी गई है।”